Thursday, July 31, 2014

शिक्षामित्रों की काउन्‍सलिंग में उमड़ी भीड़ - महिला /विकलॉग शिक्षामित्रों ने भरे विद्यालयों विकल्‍प पत्र-

शिक्षामित्रों की काउन्‍सलिंग में उमड़ी भीड़ - महिला /विकलॉग शिक्षामित्रों ने भरे विद्यालयों विकल्‍प पत्र- 







SHIKSHA MITRA Latest News In Hindi
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Shiksha Mitra :शिक्षक बनने का सपना साकार, सजल हुई आंखें

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ज्ञानपुर (भदोही) : मन में हिलोरे लेती खुशी व धड़कते दिलों के बीच जब उम्मीदों को पंख लगे तो एक बार शिक्षामित्रों की आंखें सजल हो उठीं। शिक्षामित्र से शिक्षक बनने का हाथ आया प्रमाण पत्र तो मानों सारे जहां की खुशी मिल गई हो। अह्लंादित शिक्षामित्रों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। एक दूसरे को बधाई देने का शुरू हुआ सिलसिला काफी देर तक चलता रहा।



लंबे अरसे से शिक्षक बनने का सपना देख रहे प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षामित्रों का सपना गुरुवार को आखिरकार परवान चढ़ गया। प्रथम चरण में दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके कुल 363 व बीटीसी व विशिष्ट बीटीसी प्राप्त 12 कुल 375 शिक्षामित्रों को शिक्षक के रूप में समायोजित करते हुए नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने नियुक्ति आदेश जारी करते हुए विद्यालय आवंटित कर दिया। उधर, गुरुवार को नियुक्ति आदेश जारी करने के लिए पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शिक्षामित्र सुबह से ही बीएसए कार्यालय पर जुटने शुरू हो गए। पूर्वाह्न बाद तक शिक्षामित्रों सहित उनके परिवारजनों व मित्रों की भारी भीड़ जमा हो गई। इससे कार्यालय परिसर में पूरे दिन गहमा गहमी बनी रही।

पूजन-अर्चन कर जताया आभार

1.72 लाख शिक्षामित्रों की पक्की नौकरी मुश्किल

1.72 लाख शिक्षामित्रों की पक्की नौकरी मुश्किल



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इलाहाबाद संजोग मिश्र। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी स्कूलों में कार्यरत एक लाख 72 हजार शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर सितंबर 2015 तक प्रस्तावित टीईटी मुक्त समायोजन मुश्किल दिखाई पड़ रहा है। एक ओर जहां उत्तर प्रदेश सरकार नियुक्ति पत्र जारी कर रही है, केन्द्र सरकार ने यूपी के शिक्षामित्रों को टीईटी से छूट देने से साफ इनकार कर दिया है

एक आरटीआई के जवाब में 23 जून, 2014 को भेजे गए मानव संसाधन विकास मंत्रालय के जवाब से शिक्षामित्रों में खलबली मची है। दरअसल नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई एक्ट 2009) में शिक्षक भर्ती की न्यूनतम योग्यता में छूट देने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार के पास है। प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के टीईटी मुक्त समायोजन की कवायद शुरू की तो गोंडा के दुर्गेश प्रताप सिंह ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) से आरटीआई के तहत छह बिन्दुओं पर सूचनाएं मांगी।

दुर्गेश के दूसरे सवाल 'क्या कोई नियोक्ता बगैर टीईटी पास किए किसी को प्राइमरी स्कूल में शिक्षक नियुक्त कर सकता है?' के जवाब में केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि ऐसा नहीं किया जा सकता। तीसरे प्रश्न 'क्या केंद्र सरकार या एनसीटीई किसी राज्य को कक्षा 1 से 8 तक सहायक अध्यापक की नियुक्ति में टीईटी से छूट दे सकती है' के जवाब में एमएचआरडी में स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी विभाग के अंडर सेक्रेटरी और मुख्य जनसूचना अधिकारी आलोक जवाहर ने लिखा है कि आरटीई के तहत एनसीटीई द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यता में छूट सिर्फ केंंद्र सरकार दे सकती है।

हालांकि 8 नवंबर 2010 की गाइडलाइन में केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि किसी राज्य सरकार को टीईटी अनिवार्यता से छूट नहीं देगी। चौथे सवाल 'क्या केंद्र सरकार या एनसीटीई ने उत्तर प्रदेश को सहायक अध्यापक पद पर शिक्षामित्रों के बगैर टीईटी समायोजन की छूट दी है' के जवाब में ऐसी कोई छूट नहीं देने की बात कही गयी है

गौरतलब है कि टीईटी मुक्त समायोजन के खिलाफ हाईकोर्ट में कई याचिकाएं विचाराधीन हैं। हाईकोर्ट के आदेश के अधीन होगी नियुक्ति शिक्षामित्रों के समायोजन के बाद जारी होने वाले नियुक्ति पत्र का प्रारूप बेसिक शिक्षा परिषद ने सोमवार को सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जारी कर दिया। पत्र में लिखा है कि नियुक्ति आदेश हाईकोर्ट में योजित विभिन्न याचिकाओं में पारित अंतिम निर्णय के अधीन होगा।

News Sabhaar : livehindustan news

UPTET शिक्षक भर्ती में 12 तक ठीक करनी होंगी गलतियां

UPTET शिक्षक भर्ती में 12 तक ठीक करनी होंगी गलतियां






लखनऊ। प्राइमरी स्कूलों में 72,825 शिक्षकों की भर्ती के लिए जिलेवार आए प्रत्यावेदनों के आधार पर 12 अगस्त तक गलतियां सुधारी जाएंगी। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने इस संबंध में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्यों को निर्देश दे दिया है। उनसे कहा गया है कि गलतियां ठीक करने के लिए नेशनल इंफारमेटिक सेंटर (एनआईसी) से तैयार किए गए साॅफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि एक जिले में गलतियां ठीक होने के साथ ही सभी स्थानों पर ठीक हो जाएं
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने प्राइमरी स्कूलों में टीईटी मेरिट के आधार पर 72,825 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। बेसिक शिक्षा विभाग ने जिलेवार आए आवेदनों में गलती सुधारने के लिए अभ्यर्थियों से दो चरणों में पहले 7 जुलाई फिर 21 जुलाई तक प्रत्यावेदन मांगे। विभागीय जानकारों की मानें तो 70 लाख से भी अधिक प्रत्यावेदन जिलों को प्राप्त हुए हैं। इतनी बड़ी संख्या में आए प्रत्यावेदनों के आधार पर डायट प्राचार्यों को मूल प्रत्यावेदन ठीक करने हैं।
इसके लिए एनआईसी से एक विशेष साॅफ्टवेयर तैयार कराया गया है। एससीईआरटी ने इस साॅफ्टवेयर को जिलों को भेज दिया है और वेबसाइट पर भी डाल दिया है। डायटों में इस साॅफ्टवेयर के माध्यम से गलतियां ठीक की जाएंगी। इसके लिए 12 अगस्त का समय दिया गया है। इसके बाद शिक्षक भर्ती के लिए मेरिट बनाने का काम होगा। मेरिट बनने के बाद जिलेवार काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी।



News Sabhaar : Amar Ujala (31.7.14)

UPTET टीईटी अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन

UPTET  टीईटी अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन







 

लखनऊ : शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में विभिन्न मांगों को लेकर टीईटी अभ्यर्थियों ने बुधवार को एससीईआरटी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों के अनुसार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बहुत से अभ्यर्थी फर्जी मार्कशीट के सहारे हिस्सा ले रहे हैं। उन्हें प्रक्रिया से बाहर किया जाना चाहिए। टीईटी-2011 का रिजल्ट सभी डायटों को भेज जाना चाहिए। इससे फर्जीवाड़ा नहीं हो पाएगा। वहीं एससीईआरटी को 12 अगस्त के आगे का शेड्यूल भी जारी करना चाहिए ताकि अभ्यर्थियों के अंदर शिक्षक भर्ती को लेकर भ्रम दूर हो सके। कहा कि यदि सरकार ने 31 अगस्त तक भर्ती प्रक्रिया नहीं पूरी की तो हम सब उन्हें अवमानना नोटिस देंगे

News Sabhaar : Amar Ujala (31.7.14)

UP Recruitment News :खाद्य विभाग में 40 साल वाले भी कर सकेंगे आवेदन

UP Recruitment News :खाद्य विभाग में 40 साल वाले भी कर सकेंगे आवेदन
भर्ती नियमावली में बदलाव, पदों के नाम बदले, वेतन भी बढ़ा


लखनऊ। खाद्य रसद विभाग ने विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए भर्ती नियमावली में बदलाव कर दिया है। साथ ही नौकरी के लिए आवेदन की अधिकतम उम्र सीमा 32 वर्ष से बढ़ाकर 40 वर्ष कर दी है। न्यूनतम आयु सीमा पहले की तरह 21 वर्ष ही रहेगी। अनुसूचित जाति और अन्य आरक्षित श्रेणियों के आवेदकों को सरकारी नियमों के तहत अधिकतम आयु सीमा में पूर्ववत छूट मिलती रहेगी। इसी के साथ पदनाम में भी बदलाव कर दिया है और अभी तक समकक्ष पदनाम में काम कर रहे अधिकारियों का वेतन भी बढ़ाने का फैसला किया है। कुछ संवर्गों में पदों की संख्या भी बढ़ाई गई है। प्रमुख सचिव बीएम मीना ने बताया कि नई नियमावली की अधिसूचना जारी कर दी है।
अब यूं होगी व्यवस्था : उप संभागीय विपणन अधिकारी अब जिला खाद्य विपणन अधिकारी कहलाएंगे। इनके मौजूदा 55 पदों को बढ़ाकर 73 कर दिया गया है। इनमें 5 पद अस्थाई प्रकृति के निर्धारित किए गए हैं। संभागीय विपणन अधिकारी/ उप संभागीय खाद्य नियंत्रकों का पदनाम अब संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी होगा। इनके 18 पद निर्धारित किए गए हैं। पहले इनके 21 पद थे। पर, मंडलों की संख्या 18 ही होने के नाते पदों की संख्या नए सिरे से निर्धारित की गई है। संभागीय खाद्य नियंत्रकों के पद में अभी तक दो पद विभागीय कोटे के थे। नई नियमावली में इन्हें बढ़ाकर आठ कर दिया गया है।
अब दो वर्ष पर ही मुख्य विपणन अधिकारी पद : राज्य मुख्यालय पर तैनाती वाले मुख्य विपणन अधिकारी के पदनाम और संख्या मेें कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह पद पहले की तरह एक ही रहेगा। अलबत्ता इस पद पर पदोन्नति के लिए संभागीय खाद्य नियंत्रक (विभागीय), संभागीय विपणन अधिकारी और उप संभागीय खाद्य नियंत्रक के रूप में सात वर्ष की सेवा पूरी करने की शर्त हटा ली गई है। अब संभागीय खाद्य नियंत्रक (विभागीय) के पद पर दो वर्ष की सेवा पूरी कर लेने वाले भी मुख्य विपणन अधिकारी पद पर पदोन्नति के पात्र माने जाएंगे।
वेतनमान में बदलाव :-

Wednesday, July 30, 2014

TET EXAM IS MANDATORY FOR SHIKSHA MITRA

शिक्षामित्रों के लिए टीईटी जरूरी'
TET EXAM IS MANDATORY FOR SHIKSHA MITRA



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इलाहाबाद : प्रदेश सरकार भले ही बड़े पैमाने पर शिक्षामित्रों का समायोजन कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार के अधीन मंत्रालय और शैक्षिक संस्थान प्रदेश सरकार के इस कदम से सहमत नहीं है। एनसीटीई ने जन सूचना के जवाब में कहा है कि शिक्षामित्रों को भी टीईटी की परीक्षा से गुजरना होगा। इन टिप्पणियों से भले ही अभी नियुक्ति प्रक्रिया पर असर नहीं पड़ रहा है, लेकिन कोर्ट में जो याचिकाएं लंबित हैं, इससे संघर्ष समिति को बल मिलना तय है।

प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के समायोजन के लिए बीते 19 जून को शासनादेश जारी किया था। इस प्रक्रिया में शिक्षकों की नियुक्ति की नियमावली भी बदली गई है। उसके आधार पर जुलाई महीने में जनपदवार शिक्षामित्रों की काउंसिलिंग हुई और विकल्प मांगे जा रहे हैं। 58 हजार शिक्षामित्रों को 31 जुलाई तक नियुक्ति पत्र दिया जाना है। उधर, बीटीसी संघर्ष समिति और टेट मोर्चा उत्तर प्रदेश ने समायोजन की इस प्रक्रिया को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। बताते हैं कि इस प्रकरण में तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। वैसे कोर्ट ने अभी तक समायोजन प्रक्रिया को रोका नहीं है

इसी बीच मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी एक जनसूचना के जवाब में स्पष्ट किया है कि शिक्षामित्रों की नियुक्ति में टीईटी करवाना जरूरी है, इसमें यूपी सरकार को कोई राहत नहीं दी गई है। मंत्रालय के साथ ही राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी एनसीटीई ने भी इस पर मुहर लगायी है। मथुरा के तालाब शाही कोसीकलां निवासी ब्रजेश कुमार को जनसूचना के जवाब में एनसीटीई ने स्पष्ट किया है कि शिक्षामित्रों को भी टीईटी की परीक्षा से गुजरना होगा।

देश की न्यायपालिकाएँ / INDIAN JUDICIARY SYSTEM

देश की न्यायपालिकाएँ / INDIAN JUDICIARY SYSTEM

अगर हमारे देश में त्वरित और अच्छे न्याय मिलने लगें तो भ्रस्टाचारियों पर तेजी से लगाम लगेगी ।

जो भी गलत काम करे , शासन के कार्यों में लापरवाही बरते उसको कुछ दंड अवश्य मिले , इस से स्वत : ही भृष्टाचार कम होने लगेगा ,और अच्छा व्यवस्था परिवर्तन आएगा ।


दुखद स्थति तब होती है , जब न्याय पाने के लिए सालों लग जाते हैं ऐसे में न्याय का महत्व कम हो जाता है , और अपराधियों के हौसले बढ़ते हैं
 

 न्यायपालिकाओं में भी हम जैसे इंसान ही काम करते हैं और न्यायाधीश हम इंसानो के बीच से ही चुन कर आते हैं , उनसे भगवान / न्याय के देवता जैसी कल्पना तो नहीं की जा सकती

लेकिन देश की व्यवस्था में कुछ ऐसा होना चाहिए , जिस से न्याय देने की समय सीमा तय हो और यह केस के समय ही बता दिया जाये ,
यदि विशेष परिस्थतियों में समय बढ़ाया जाये तो उसका कारण भी बताया जाये ।

अगर न्याय पालिकाओं की जवाब देही तय हो जाये तो शायद त्वरित और अच्छे न्याय समय के साथ मिलने लगें |

निचली अदालतों में फैसले त्वरित हों , उसके बाद तो ऊपरी अदालतें भी हैं , इस से याची को फोरी राहत तो मिल सकती है |
यह  देश में व्यवस्था परिवर्तन के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है


UP-TET 2011असली-नकली ‘सीडी’ में फंसी नौकरी अकबरपुर पुलिस ने एजेंसी को अभी नहीं दी अंकपत्रों की सीडी

UP-TET 2011असली-नकली ‘सीडी’ में फंसी नौकरी
अकबरपुर पुलिस ने एजेंसी को अभी नहीं दी अंकपत्रों की सीडी






 


 इलाहाबाद : अफसर असली-नकली सीडी का खेल खेल रहे हैं। ऐसे में टीईटी-2011 में शामिल अभ्यर्थियों की नौकरी पाने की उम्मीदें अभी परवान नहीं चढ़ पा रही हैं। अंक पत्र का पेंच अब भी फंसा है। न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद भी अकबरपुर पुलिस ने एजेंसी से जब्त की गई अंक पत्रों की सीडी सौंपी नहीं है। वहीं पर पूर्व सचिव ने माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय को जो सीडी सौंपी है उसे प्रामाणिक नहीं बताया जा रहा। इससे मामला सुलझने के बजाय निरंतर उलझता ही जा रहा है। दरअसल माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2011 करवाई थी। 1 परीक्षा के बाद छात्रों को अंक पत्र एवं प्रमाणपत्र मंडल स्तर पर शिक्षा विभाग के कार्यालयों से बांटे गए थे। तमाम अभ्यर्थियों को अंक पत्र व प्रमाणपत्र मिले तो कईयों को नहीं मिल पाए। जिन्हें मिले भी उनमें जन्मतिथि, पिता का नाम, अंक, पता आदि की तमाम गड़बड़ियां थीं। यही नहीं कई अभ्यर्थियों के अंकपत्र कहीं गिर गए थे। ऐसे में हजारों की तादात में अभ्यर्थियों ने माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय में गलतियां ठीक कराने व नए अंक पत्र पाने के लिए आवेदन कर रखा है लेकिन माध्यमिक शिक्षा परिषद के हाथ में कुछ करने के लिए नहीं है, क्योंकि टीईटी परीक्षा में हुई धांधली पर कानपुर देहात यानी अकबरपुर पुलिस ने सारे अभिलेख सीज कर दिए थे और एजेंसी से अंक पत्र की सीडी लेकर जब्त कर दी थी। परिषद द्वारा नया अंक पत्र न देने से अभ्यर्थियों में गुस्सा रहा और कईयों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अंकपत्र में गड़बड़ी के हजारों मामले सामने आने पर शासन ने भी मौजूदा और पूर्व माध्यमिक शिक्षा सचिव को तलब करके बातचीत की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। बताते हैं कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की 2011 की तत्कालीन सचिव ने एक सीडी विभाग को सौंपी है लेकिन लिखकर दिया है कि यह प्रामाणिक नहीं है। 1 हाईकोर्ट ने एक अभ्यर्थी की अर्जी पर निर्णय दिया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद या तो उसे अंक पत्र मुहैया कराए अथवा सचिव परिषद और सीओ अकबरपुर पुलिस व्यक्तिगत रूप से 30 जुलाई को कोर्ट में हाजिर होकर स्थिति स्पष्ट करें। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अकबरपुर पुलिस को पत्र भेजकर कोर्ट के निर्देश से अवगत कराया जिस पर गतिविधियां कुछ तेज हो गईं। पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि एजेंसी को वह जब्त सीडी उपलब्ध करा देगी लेकिन अभी तक यह कार्रवाई नहीं हुई है और हाईकोर्ट में हाजिर होने की तिथि निकट आ गई है। अब देखना है कि क्या होता है। स्थिति जो भी हो लेकिन जिनके अंक पत्र माध्यमिक शिक्षा परिषद में फंसे हैं उनकी नौकरी पर जरूर बन आई है



News Sabhaar : Jagran (30.7.14)