Saturday, July 7, 2012

UPTET - Allahabad Highcourt Judgement - Interpreted by SDM ji


TEXT OF ORDER OF ALLAHABAD HIGHCOURT IN CASE NO. 76039/2011 ISSUED ON 05.07.12 ALONGWITH ITS SIMPLE TRANSLATION & BRIEF INTERPRETATION

By - Shyam Dev Mishra

Court No. - 7
Case :- WRIT - A No. - 76039 of 2011
Petitioner :- Yadav Kapildev Lal Bahadur
Respondent :- State Of U.P. & Others
Petitioner Counsel :- Alok Kumar Yadav,Rajesh Yadav
Respondent Counsel :- C.S.C.,K.S. Kushwaha
Hon'ble Arun Tandon,J.

The matter has been heard at some length by this Court, an affidavit has been filed on behalf of Secretary (Basic Education), Government of Uttar Pradesh today in the Court, wherein it has been stated that the fairness of Teachers' Eligibility Test (T.E.T.) is under examination before the State Government. For the purpose, a High Level Committee has been constituted. The recommendation of High Level Committee is awaited. Reference has also been made to the pending petitions in respect of the T.E.T. examination as well as to the special appeals filed by B.T.C. qualified candidates for appointment irrespective of the T.E.T. examination.

Sri C.B. Yadav, learned Additional Advocate General states that the matter is under active consideration of the State Government and a decision shall be taken without unnecessary delay.

This Court may only record that the appointment on the post of Assistant Teacher in Parishidiya Vidyalaya is squarely dependent upon the decision the State Government will take on the fairness or otherwise of the T.E.T. examination. The number of posts lying vacant is in the thousands. I

The final decision must be taken promptly. Therefore, this Court directs that the State Government shall take final decision in respect of fairness or otherwise of the T.E.T. examination and all such related issue as it may so desire preferably within four (4) weeks from today. The decision of the State Government shall be brought on record by means of an affidavit of the Secretary himself on or before 06th August, 2012. It is made clear that request for grant of further time for the purpose shall not be appreciated by the Court.

List on 06th August 2012.

Interim order, if any, shall continue till the next date of listing.

Order Date :- 5.7.12




कोर्ट संख्या -  में ०५.०७.२०१२ को केस संख्या - रिट  - ७६०३९ / २०११ (यादव कपिलदेव लालबहादुर  बनाम स्टेट ऑफ़ उत्तर प्रदेश एंड अदर्समें न्यायमूर्ति  अरुण  टंडन द्वारा दिए गए आदेश का सरल अनुवाद

न्यायालय द्वारा मामला कुछ विस्तार में सुना जा चुका हैन्यायालय में सचिवबेसिक शिक्षाउत्तर प्रदेश  सरकार की ओर से एक शपथपत्र दाखिल किया जा चुका है जिसमे कहा गया है कि अध्यापक पात्रता परीक्षा (टी..टी.) कि शुचिता (Fairness) राज्य सरकार के सम्मुख जांच के दायरे में हैइस प्रयोजनार्थ एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया हैउच्च-स्तरीय समिति की सिफारिशें अभी लंबित (प्रतीक्षाधीनहैटी..टीपरीक्षा के सम्बन्ध में लंबित याचिकाओं तथा बी.टी.सीउत्तीर्ण अभ्यर्थियों द्वारा बिना अध्यापक पात्रता परीक्षा के ही नियुक्ति के लिए दायर विशेष याचिकाओ का भी सन्दर्भ लिया गया है.

श्री सी.बीयादवअतिरिक्त महाधिवक्ता ने कहा है कि मामला राज्य सरकार के सक्रिय विचाराधीन है और इस बिना अनावश्यक विलम्ब के निर्णय लिया जायेगा.

न्यायालय केवल इस बात को संज्ञान में लेता है कि परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के पदों पर नियुक्ति पूर्णतया प्रदेश सरकार द्वारा टी..टीकी शुचिता  अन्य पहलुओं पर लिए जाने वाले निर्णय पर निर्भर हैखाली पड़े पदों की संख्या हजारों में है.

(मामले काअंतिम निर्णय शीघ्रातिशीघ्र लिया जाना चाहिएअतःन्यायालय निर्देश देता है कि राज्य  सरकार  टी..टीकी शुचिता  अन्य पहलुओं तथा अन्य ऐसे सभी सम्बंधित मुद्दोंजिन्हें वो चाहेके सम्बन्ध में यथासंभव (जहां तक संभव हो सके - preferably) आज से चार सप्ताह के अंदर निर्णय लेगीराज्य सरकार का निर्णय स्वयं सचिव के शपथपत्र के जरिये  अगस्त २०१२ को या उस से पहले न्यायालय के संज्ञान में लाया जायेगायह (भीस्पष्ट किया जाता है कि इस हेतु  आगे और समय दिए जाने  के (राज्य सरकार केअनुरोध को न्यायालय द्वारा ठीक नहीं समझा जायेगा.

 अगस्त २०१२ को सूचीबद्ध करें.
अंतरिम आदेशयदि कोई होअगली तारीख तक प्रभावी रहेगा.
आदेश की तिथि : ०५.०७.२०१२




अपनी बात:
साथियों, ५ जुलाई २०१२ को कोर्ट द्वारा राज्य सरकार को ४ सप्ताह का समय देते हुए टी.ई.टी. परीक्षा में तथाकथित रूप से हुई गड़बड़ियों तथा अन्य सभी उन मुद्दों पर, जिन्हें वो इस लंबित भर्ती  प्रक्रिया को पूरी करने के लिए उपयुक्त समझे, निर्णय करे और न्यायालय को उस से अवगत कराये. यहाँ कुछ  साथी इस बात से चिंतित दिखे कि न्यायालय ने भी सबकुछ सरकार पे छोड़ दिया है और अब सरकार जो चाहेगी, वो करने को स्वतंत्र है. पर यहाँ ध्यान दें कि न्यायालय ने इस मामले को बहुत महत्वपूर्ण मानते हुए यह निर्देश सरकार द्वारा अभी इस भर्ती-प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों पर,जैसे टी.ई.टी. में हुई तथाकथित  धांधलियो की जांच व अन्य पहलुओं पर विचार करने के लिए गठित उच्च-स्तरीय समिति की सिफारिशें प्रतीक्षाधीन होने के कारण, अब तक निर्णय न लिए जाने के मद्देनज़र दिया है तथा इस मुद्दे के शीघ्रातिशीघ्र अंतिम निर्णय की आवश्यकता पर बल देते हुए सरकार को इन निर्णयों के लिए आगे और समय देने से भी साफ़ मना किया है.
न्यायालय ने स्टे हटाने से इंकार इसलिए किया क्यूंकि अन्य पक्षों और पहलुओं को देखते हुए और उन पर सरकार के अब तक के गोल-मोल और अस्पष्ट रवैये से इस बात की प्रबल सम्भावना थी कि स्टे हटाने के बाद भी भर्ती-प्रक्रिया के मौजूदा प्रावधानों या सरकार द्वारा भर्ती से सम्बंधित आगे लिए जाने वाले  निर्णयों से असंतुष्ट पक्षों द्वारा फिर से न्यायालय जाने से भर्ती प्रक्रिया बाधित होगी.  बेहतर है कि इस भर्ती प्रक्रिया से सम्बंधित सभी बिन्दुओ पर सरकार अपना रुख  और निर्णय न्यायालय के सामने रखे ताकि उनकी वैधानिकता, न्यायसंगतता और औचित्य पर न्यायालय फैसला कर सके और तदुपरांत स्टे हटने पर भर्ती प्रक्रिया बाधित होने की सम्भावना न्यूनतम हो जाये. यहाँ यह समझना भूल होगी कि सरकार अगर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कोई निर्णय लेती है या कोई अवैधानिक निर्णय लेती है तो भी न्यायालय से उसे हरी झंडी मिल जाएगी. वास्तव में  न्यायालय का यह कदम इस मामले में सरकार के लापरवाह रवैये या फिर शायद किन्ही निहित-स्वार्थों के लिए जानबूझ कर की गई हीला-हवाली के कारण काफी  देर से आया, पर एक सही कदम है. अब इस मामले के शीघ्र निपटारे का सारा दारोमदार सरकार के निर्णय पर है और सरकार इस मामले में कोई नकारात्मक निर्णय (टी.ई.टी. निरस्त करने या चयन का आधार बदलने जैसा निर्णय) न ले, इसके लिए सभी अभ्यर्थियों को एक-होकर  न सिर्फ  टी.ई.टी. बचाने  के लिए सरकार पे  कोर्ट के बाहर हर-संभव तरीके से दबाव बनाना होगा बल्कि टी.टी.टी. संघर्ष मोर्चा को न्यायालय में भी  सरकार के किसी नकारात्मक निर्णय के प्रभावी विरोध के लिए और अपनी बात तार्किक ढंग से रखने के लिए  तैयार रहना होगा. कुल मिलाकर न्यायालय ने सरकार द्वारा कोर्ट के बाहर कोई मनमानी किये जाने की सम्भावना पर विराम लगते हुए इस बात को सुनिश्चित किया है कि इस भर्ती-प्रक्रिया के सभी विवादित मुद्दों का निपटारा कोर्ट के अंदर ही होगा!   
- श्याम देव मिश्रा, मुंबई

UPTET - टीईटी परीक्षा - पात्रता परीक्षा है या चयन का आधार

UPTET - टीईटी  परीक्षा - पात्रता परीक्षा है या चयन का आधार 


टीईटी मेरिट से चयन गलत है ये बात पहले भी कोर्ट में कही गयी थी -
उस पर कोर्ट नो बोला कि - इसमें कोई भी एन सी टी ई के नियम का उल्लंघन नहीं होता | और टीईटी मेरिट से भर्ती में कोई समस्या नहीं है |
एनसीटीई ने साफ़ शब्दों में लिखा था - टीईटी / सीटीईटी परीक्षा में अभ्यर्थी बार बार परीक्षा में बेठ सकते हैं अपने मार्क्स की वृद्दि हेतु | साथ ही इसके अंको को चयन में महत्व दीया जाये |


अगर ये सिर्फ पात्रता परीक्षा है तो बार बार परीक्षा देने से क्या फायदा | क्यों अभ्यर्थीयों के साथ खिलवाड़ की जा रही है |


प्रेस मीडिया में एनसीटीई के नियम छपवा कर सवाल पूछ लेने चाहिए


इसके बाद बार बार प्रेस मीडिया शायद बार बार कि - टीईटी सिर्फ पात्रता परीक्षा है , बोलना बंद कर देगा


कुछ हाई कोर्ट के अच्छे निर्णय , जो कि टीईटी अभ्यर्थीयों के हितों को देखते हुए दिए गए थे , को भी प्रेस मीडिया में पब्लिश कराना चाहिए


टीईटी अभ्यर्थीयों ने इतना बड़ा संगठन बनाया हुआ है तो उनके नेता  सही जानकारी तो छपवा सकते हैं

See this : -

9(b) should give weightage to the TET scores in the recruitment process
however, qualifying the TET would not confer a right on any person for recruitment/employment as it is only one of the eligibility criteria for 
appointment

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टी ई टी अंकों के  सुधार  / वृद्धी   हेतु  , अभ्यर्थी पुन : परीक्षा  में   बैठ  सकते -
See :
Frequency of conduct of TET and validity period of TET certificate :-
11 The appropriate Government should conduct a TET at least once every year. The Validity Period of TET qualifying certificate for appointment will be decided by the appropriate Government subject to a maximum of seven years for all categories. But there will be no restriction on the number of attempts a person can take for acquiring a TET Certificate. A person who has qualified TET may also appear again for improving his/her score

अगर ये  ये पात्रता परीक्षा है, तो अंकों के सुधार का क्या मतलब 

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इलाहबाद हाई कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि -
टी ई टी अंकों से चयन , एन सी टी ई के नियमानुसार है व एक बार प्रक्रिया निर्धारित होने के बाद उसका बदला जाना पक्षपात पूर्ण है (जब गेम / प्रक्रिया शुरू हो चुकी हो

See :http://naukri-recruitment-result.blogspot.in/2011/12/uptet-allahabad-highcourt-dismissed.html

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http://naukri-recruitment-result.blogspot.in/2012/01/uptet-btc-good-news-for-tet-qualified.html

1. Learned counsel for petitioner, despite repeated query could not clarify as to why he has filed this writ petition and in what manner he intend to challenge the notification dated 7.9.2011 issued by Secretary, U.P. Government, Lucknow(Annexure 2 to writ petition). He contended that Teachers Eligibility Test conducted by Board of Secondary Education has not been conducted in accordance with guidelines laid down by National Council of Teachers Education along with its letter dated 11.2.2011 
a generalized and vague manner said that all the persons who have passed the examination are neither qualified nor suitable candidates. This is clearly a derogatory remark not only against the examining body but also against lacs of people who participated in the examination and passed the same. The statement is made in a most careless and reckless manner which, in my view, clearly amounts to abuse of process of laws and, therefore, the writ petition must be dismissed with exemplary cost

4. Since petitioner is not only guilty of making unfounded aspersions against examining body, but also against the persons who have passed the examination, he must pay exemplary cost. I quantify the cost to Rs. 4.5 lacs
5. The aforesaid amount shall be paid by petitioner to respondent no. 3 who, after receiving the amount, shall distribute the same amongst all the candidate who have passed the examination finally paying Rs. 1/- to each successful candidate
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http://naukri-recruitment-result.blogspot.in/2012/01/uptet-petition-against-selection-on.html
12th Amendment is illegal, inasmuch as, it makes the marks obtained in Teacher Eligibility Test (hereinafter referred to as "T.E.T.") as the basis for including a person in the list to be prepared by the appointing authority after advertisement issued for appointment which is to be submitted to the Selection Committee though T.E.T. is only eligibility qualification and cannot be a basis for making selection
who have applied for appointment to the post of Assistant Teacher, shall be prepared and in that preparation of list, T.E.T. marks shall be the criteria. It is like a guideline for ascertaining zone of 
consideration and field of eligibility but by itself does not provide any guarantee for appointment. 



The Rules thus cannot be said to be contrary to NCTE 


guidelines. 



3.��� No interference therefore called for. 
4.��� Dismissed. 
Order Date :- 2.1.2012 
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http://naukri-recruitment-result.blogspot.in/2012/01/uptet-btc-good-news-for-tet-qualified.html
Allahabad Highcourt Suggests TET Exam is a good process for Selections -
We are pleased to note that the system of Teachers' Eligibility Test (TET) examination has been introduced as that will also check dishonest, unqualified candidates with forged degrees securing easy entry into teachers education courses and thereby securing teaching jobs.
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Allahabad Highcourt Decisions regarding Teacher Eligibility Test (TET) / UPTET 2011


Allahabad Highcourt Decisions regarding Teacher Eligibility Test (TET) / UPTET 2011

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1512500

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1496628

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1487472

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1509286

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1455267

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1509199

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1496628

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1528785

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1696717

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1509296

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1589303

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1580533

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1576162

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1465702

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1479842

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1460145

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1509206

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1617505

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1596672

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1592278

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1603295

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1257970

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1128769

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1337146


There are many other decisions also in Allahabad Highcourt for UPTET 2011 examination. And it is  only a small list.

UPTET : टीईटी संघर्ष मोर्चा लखनऊ में देगा धरना


UPTET : टीईटी संघर्ष मोर्चा लखनऊ में देगा धरना

सूरजपुर (मऊ) : टीईटी संघर्ष मोर्चा दोहरीघाट ब्लाक की बैठक स्थानीय क्षेत्र के रसूलपुर के शिवपंच मंदिर में शुक्रवार सायं हुई। इसमें उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने सरकार पर आनाकानी का आरोप लगाया।

मुक्तिनाथ यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में स्थानीय गांव सहित सुल्तानपुर, मुहम्मदपुर, चकेसर, बंधनपुर, दरगाह, सेमरा गांवों के अभ्यर्थी उपस्थित रहे। मुक्तिधाम यादव ने इस दौरान कोर्ट पर पूरा भरोसा जताते हुये कहा कि प्रदेश संगठन द्वारा 9 जुलाई को लखनऊ में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान राजकुमार मौर्य, मनीष गुप्ता, दिनेश यादव, रत्‍‌नेश वर्मा, वीरेन्द्र यादव, दुर्गानन्द, अर्चना वर्मा, रंजना राय, कुमकुम प्रजापति आदि मौजूद रहे

News Source : http://www.jagran.com/uttar-pradesh/mau-9442168.html / jagran (6.7.12)
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TET Candidates are Uncertain about their future - What happens as TET matter is still under investigation, News comes - Selection base can be change.

Friday, July 6, 2012

UPTET / Allahabad Highcourt : Next Hearing on 6th August 2012 / Stay on PRT Recruitment continue till next hearing on 6th August 2012


UPTET / Allahabad Highcourt : Next Hearing on 6th August 2012 / Stay on PRT Recruitment continue till next hearing on 6th August 2012


HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

?Court No. - 7
Case :- WRIT - A No. - 76039 of 2011
Petitioner :- Yadav Kapildev Lal Bahadur
Respondent :- State Of U.P. & Others
Petitioner Counsel :- Alok Kumar Yadav,Rajesh Yadav
Respondent Counsel :- C.S.C.,K.S. Kushwaha
Hon'ble Arun Tandon,J.
The matter has been heard at some length by this Court, an affidavit has been filed on behalf of Secretary (Basic Education), Government of Uttar Pradesh today in the Court, wherein it has been stated that the fairness of Teachers' Eligibility Test (T.E.T.) is under examination before the State Government. For the purpose, a High Level Committee has been constituted. The recommendation of High Level Committee is awaited. Reference has also been made to the pending petitions in respect of the T.E.T. examination as well as to the special appeals filed by B.T.C. qualified candidates for appointment irrespective of the T.E.T. examination.
Sri C.B. Yadav, learned Additional Advocate General states that the matter is under active consideration of the State Government and a decision shall be taken without unnecessary delay.
This Court may only record that the appointment on the post of Assistant Teacher in Parishidiya Vidyalaya is squarely dependent upon the decision the State Government will take on the fairness or otherwise of the T.E.T. examination. The number of posts lying vacant is in the thousands. i
The final decision must be taken promptly. Therefore, this Court directs that the State Government shall take final decision in respect of fairness or otherwise of the T.E.T. examination and all such related issue as it may so desire preferably within four (4) weeks from todayThe decision of the State Government shall be brought on record by means of an affidavit of the Secretary himself on or before 06th August, 2012. It is made clear that request for grant of further time for the purpose shall not be appreciated by the Court.
List on 06th August 2012. 
Interim order, if any, shall continue till the next date of listing
Order Date :- 5.7.2012
N.S.Rathour


Source : http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1939687
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If we see above details, then we see HC directed 
State Government shall take final decision in respect of fairness .


UP Government stated fairness of TET is under examination. And for this purpose High Level Committee is formed.


I personally felt an affidavit / undertaking of oath can be introduced that - If candidate found guilty / convicted then his/her service is terminated along-with forfeiting of salary.
OR UP Govt. can take one more examination to check eligibility/aptitude test of such candidates.If such candidates failed then a through investigating should be conducted.
But selection base should be TET Merit, As it is legally correct.

Hini Version (Given on mail by Mr Avar Uddin ) :

माननीय न्यायधीश अरुण टंडन
मामले की सुनवाई इस न्यायालय में विस्तारपूर्वक हुई|
आज सचिव(बेसिक शिक्षा)ने राज्य सरकार की तरफ से एक शपथ पत्र कोर्ट को दिया. जिसमें यह कहा गया है कि टी ई टी की निष्पक्षता की जाँच राज्य सरकार के सामने विचाराधीन है इस उद्देश्य के लिए एक हाई पावर कमेटी गठित की गयी है  हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट का इन्तजार है यह बात टी ई टी परीक्षा के दूसरे अतिरिक्त विचाराधीन मामलों के साथ साथ उस विशेष अपील से भी सम्बंधित है जो बी टी सी पास उम्मीदवारों के टी ई टी पास होने से सम्बंधित है
श्री सी बी यादव जो राज्य के अपर महाधिवक्ता है ने बताया की मामला राज्य सरकार के सामने विचाराधीन है और राज्य सरकार द्वारा अनावश्यक देरी किये बिना शीघ्र निर्णय लिया जायेगा 
इस न्यायालय ने यह भी पाया की हज़ारों अध्यापक के पद राज्य सरकार के निर्णय पर आधारित है जो टी ई टी निष्पक्षता  तथा दूसरे सम्बंधित मामलों के विचाराधीन होने के कारण खाली पड़े  है
अंतिम निर्णय शीघ्र  लिया जाना चाहिए इसलिए यह कोर्ट राज्य सरकार को यह निर्देश देता है की आज की तारीख से चार हफ्ते के अन्दर टी ई टी की निष्पक्षता  और इससे सम्बंधित दूसरे मामलों पर सरकार यथाशीघ्र निर्णय ले
राज्य सरकार के निर्णय के अभिलेख 6 अगस्त 2012 को स्वयं सचिव द्वारा
शपथपत्र  के रूप में कोर्ट में उपस्थित किये जाएँ

UPTET - टीईटी की विसंगतियां दूर करे सरकार: कोर्ट


बस में तोड़फोड़ कर पथराव किया, सिविल लाइंस थाने पर हंगामा
बवाल पर लठियाए गए टीईटी अभ्यर्थी


इलाहाबाद। लंबे अरसे से चयन का इंतजार कर रहे टीईटी अभ्यर्थियों केसब्र का बांध गुरुवार को टूट गया। प्रदेश सरकार की तरफ से प्राथमिक शिक्षक पद पर चयन में हो रही ढिलाई से खफा अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए और सिविल लाइंस में जमकर हंगामा किया। आक्रोशित युवकों ने सड़क पर पथराव कर बसों में तोड़फोड़ की। नारेबाजी के दौरान भीड़ को पुलिस ने खदेड़ा तो प्रदर्शनकारी दूसरे इलाके में पहुंच हंगामा करने लगे। तोड़फोड़ के आरोप में दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद दर्जनों की संख्या में जमा हुए छात्रों ने सिविल लाइंस थाने के गेट पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। बवाल बढ़ता देख पुलिस ने लाठी चला दी। युवकों को पिटाई कर भगा दिया गया। लाठी चलने से सड़क पर अफरातफरी मच गई। छात्र नारेबाजी करते हुए इधर-उधर भागते रहे

सिविल लाइंस थाने के सामने प्रदर्शन करते टीईटी अभ्यर्थियों को खदेड़ती पुलिस
लोक सेवा आयोग चौराहा, सुभाष चौराहा समेत कई और इलाके में भी हंगामा


टीईटी अभ्यर्थी चयन की मांग को लेकर काफी दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मामला हाईकोर्ट में है। इस मामले में प्रदेश सरकार के रवैये से नाखुश अभ्यर्थी गुरुवार को सड़क पर उतर हंगामा करने लगे। करीब तीन दर्जन छात्र सिविल लाइंस स्थित एकलव्य चौराहा पहुंचे और सड़क पर नारेबाजी तथा शोरशराबा करने लगे। गुस्साए छात्रों ने सिटी बस में तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस ने छात्रों को वहां से खदेड़ा तो वह पथराव कर भागने लगे। मौके से नैनी निवासी सुल्तान अहमद समेत दो छात्रों को सिविल लाइंस पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोपहर में दोनों छात्रों को थाने लाया गया तो आक्रोशित छात्रों ने थाने का घेराव कर दिया। कई युवक थाने के सामने जमीन पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कुछ देर इंतजार के बाद पुलिस ने लाठी चला दी। छात्रों को लाठी पड़ी तो वह शोर मचाकर भागने लगे। इसके बार पुलिस ने छात्रों को दौड़कर पीटना शुरू कर दिया। छात्रों ने लोक सेवा आयोग चौराहा, सुभाष चौराहा समेत कई और इलाके में भी हंगामा किया। एआरएम की तरफ से बस तोड़ने वालों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जमकर हुई नारेबाजी, दो छात्र हिरासत में लिए गए

टीईटी की विसंगतियां दूर करे सरकार: कोर्ट
इलाहाबाद। प्राथमिक शिक्षा विभाग में 72825 सहायक अध्यापकों के पदों पर टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की भर्ती के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अंतिम मौका दिया है। अदालत ने कहा है कि टीईटी की विसंगतियों को चार हफ्ते में दूर कर लिया जाए। सरकार टीईटी परीक्षा की पारदर्शिता और अन्य विषयों पर अपना फैसला लेकर अदालत में हलफनामा दाखिल करे
मामले की सुनवाई के लिए छह अगस्त 2012 की तिथि नियत करते हुए न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने कहा कि केवल राज्य सरकार द्वारा निर्णय न ले पाने के कारण सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां अधर में लटकी हैं। अत: राज्य सरकार इस विषय पर अपना निर्णय लेने में और विलंब न करे। अपर महाधिवक्ता सीबी यादव ने अदालत को आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले पर शीघ्र निर्णय लेने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी। इस आश्वासन के बाद अदालत ने छह अगस्त की तिथि नियत की है। उल्लेखनीय है कि यादव कपिल देव और अन्य की ओर से सहायक अध्यापक पद पर चयन और नियुक्ति के लिए दिसंबर 2011 में जारी विज्ञापन को चुनौती दी गई थी। इस पर अदालत ने विज्ञापन पर रोक लगा दी थी। इस बीच बीटीसी अभ्यर्थियों ने भी याचिका दाखिल करके सहायक अध्यापक पद के लिए नए सिरे से प्रशिक्षण देने से छूट की मांग की थी। अदालत के निर्देश पर सरकार ने हलफनामा दिया कि बीटीसी अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण से मुक्त रखा जाएगा। अभ्यर्थियों ने टीईटी चयन को सहायक अध्यापक भर्ती में मेरिट न बनाए जाने की भी मांग की है। इन सभी विसंगितयों का निस्तारण छह अगस्त तक होने की संभावना है।

देवबंद की डिग्री पर चयन निरस्त करना गलत
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने जमातुल इस्लामिया दारूल उलूम देवबंद की फाजिल डिग्री के आधार पर सहायक अध्यापक पद पर चयन हेतु अर्हता न मानने को गलत ठहराया है। इस आधार पर सहायक अध्यापक के चयन को निरस्त करने संबंधी आदेश भी रद कर दिया है। कोर्ट का मानना है कि सहायक अध्यापक पद पर चयन के लिए अर्हता स्नातक और बीएड की डिग्री है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंक मेरिट बनाने के लिए आवश्यक हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने मुजफ्फर नगर के सरफराज अहमद की याचिका पर दिया है।
अदालत का मानना था कि याची का चयन नियमानुसार किया गया है, इसलिए उसके चयन को निरस्त किया जाना अवैधानिक कार्य है। सरफराज को सेवा में मानते हुए उसे बकाया वेतन का भुगतान करने का भी निर्देश दिया है। प्रदेश सरकार का कहना था कि फाजिल की डिग्री उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल डिग्री के समकक्ष नहीं है। इसलिए चयन अवैध माना गया। सरफराज का चयन प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक पद पर नियमानुसार हुआ था। उसे मथुरा विकास क्षेत्र चर्थवाल में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति दी गई थी


News Source / न्यूज़ साभार : http://epaper.amarujala.com/svww_zoomart.php?Artname=20120706a_003174007&ileft=129&itop=357&zoomRatio=130&AN=20120706a_003174007 / Amar Ujala (6.7.12)
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UPTET Candidates are facing tough situations as they are uncertain about their future and as per news it is seen that they have to wait for one month again for High Court decision.

Thursday, July 5, 2012

UPTET : टीईटी को अर्हताकारी परीक्षा का दर्जा!



UPTET : टीईटी को अर्हताकारी परीक्षा का दर्जा!

 लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की मेरिट को ही चयन का आधार बनाने के मायावती सरकार के फैसले को सपा सरकार ने बदलने का फैसला कर लिया है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की मंशा पर अमल करते हुए शासन ने टीईटी को राज्य में अर्हताकारी परीक्षा का दर्जा देने की तैयारी कर ली है। इसके लिए उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 में संशोधन को निरस्त कर शिक्षकों के चयन की पुरानी व्यवस्था को बहाल किया जाएगा। इस संशोधन पर कैबिनेट की मुहर लगने के बाद पिछले साल 13 नवंबर को आयोजित टीईटी को अर्हताकारी परीक्षा का दर्जा हासिल हो जाएगा। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशों को जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी है। एनसीटीई ने 11 फरवरी 2011 को राज्यों को जारी दिशानिर्देश में टीईटी को अर्हताकारी परीक्षा माना था। एनसीटीई की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार ने भी सात सितंबर 2011 को शासनादेश जारी कर दिया था


News Source : http://in.jagran.yahoo.com/epaper/index.php?location=37&edition=2012-07-05&pageno=9 . Jagran (5.7.12)
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Selection process of teachers is going to change in UP, And it can be happen most possibly for new recruitment of teachers. May be after UPTET 2012 , such selection procedure can be taken.
And I personally felt UPTET 2011 candidates need not worried for such news as their selection process already decided by UP Government it self and in last stage.(Fee for counselling etc. paid).


Court already told - Rules of Game are set at start of Game, Not in the middle.

Recently IIT Kanpur also oppose selection through Board Exam Merit. After that UP Board 65% candidate made equivalent to 78% marks in CBSE Board for selection in IIT.
See also -



Percentage Cut-off Marks# of Various State-Boards Result in class XII for
2008, 2009, 2010, and 2011



2008
2009
2010
2011
UP Board
69.2
72.6
77
77
CBSE
91
92.4
91.8
93.2
ICSE
93
93.3
93.2
93.43


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Therefore it is expected that UP Govt. also take effective measures for making selections through Acadmic marks, if it is considered for selection in future.
I felt best process for selection is - Multilevel Examination
Even Interviews should also removed from selection process. If a candidate after selection - Not performed as per requirements of organization then again written notices / examination should be conducted/served.
And after that counselling / interviews can also conduct.

Interviews can help in Unfair Practices and videography in interviews is important. Even after interview , fair selection can not be achieved because we humans are BIASED.

UPTET : युपी टीईटी शिक्षक भर्ती स्टे पर सुनवाई की अगली तारीख - 6 अगस्त 2012


UPTET : युपी टीईटी  शिक्षक भर्ती स्टे पर सुनवाई की अगली तारीख - 6 अगस्त 2012

जैसा की आज के घटना क्रम व ब्लॉग पर कमेंट्स देख कर पता लग रहा है कि उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक भर्ती स्टे मामले में इलाहबाद हाई कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख ६ अगस्त निर्धारित की है|
टीईटी अभ्यर्थी इस घटना क्रम से हेरान व परशान हैं |

ब्लॉग पर जिस प्रकार कमेंट्स आये , उससे लगता है कि घटना क्रम इस प्रकार रहा है -
सरकारी पक्ष ने ४ हफ्ते का समय माँगा है क्यूँकी उनकी जांच प्रक्रिया अभी पूर्ण नहीं हुई है 
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व्यक्ति गत रूप से मेरा सोचना है कि - 6 महीने का टी ई टी अभ्यर्थीयों का प्रशिक्षण होना है और उत्तर प्रदेश में सर्व शिक्षा अभियान / व एन सी टी ई गाइड लाइन के अनुरूप शिक्षकों की भारी कमी है |
इसको (प्रशिक्षण कार्यक्रम ) देखते हुए , प्रक्रिया कुछ हद तक तो प्रारंभ की जा सकती है  , और जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कठोर कार्यवाही की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है |



कुछ लोगो का कहना है कि धांधली की बात सामने आने पर - चयन का आधार बदलना संभव हो जायेगा |
ऐसा कैसे संभव है , और अगर ये संभव है टी ई टी फेल छात्र भी कहेंगे की हमें भी पास किया जाये | कुछ लोग कहेंगे कि परीक्षा में धांधली होने के बाद भी लोगो को चयनित किया जा रहा है तो जिन लोगो ने परीक्षा नहीं दी , उनको भी चयनित करो , अत : ये सब आधार हीन बात है |
हाँ अगर कोर्ट खुद अपनी देख रेख में - उचित प्रक्रिया अपनाता है जिससे आगे कोई अड़चन परेशानी न हो तब तो हल अच्छा रहेगा |
परन्तु अगर टी ई टी मेरिट होल्डर सुप्रीम कोर्ट चले जाते हैं तो फिर मामला खटाई में जा सकता है 
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ये भी हो सकता है कि चयन का आधार बदलने की बात नयी प्रक्रिया को लेकर हो , वैसे भी यू पी में २ लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली हैं और शायद सरकार बाकि बचे सवा लाख पदों पर भर्ती के लिए नए नियमों पर विचार कर रहे हो |
नयी भर्ती प्रक्रिया में यू पी बोर्ड वालों के लीये भी , (आई आई टी प्रवेश - यू पी बोर्ड के ६५ प्रतिशत वाला अभ्यर्थी , सी बी एस ई बोर्ड के ७८  प्रतिशत वाले अभ्यर्थी के बराबर माना गया है ) भी कोई तोहफा आ सकता है 
समाज वादी = समता में विश्वास 
हाल ही में बिहार में १.७० लाख शिक्षकों की नियुक्ति का निर्णय सुना गया है और यू पी की आबादी तो बिहार से भी ज्यादा है और २ लाख से ज्यादा पद रिक्त है तो हो सकता है कि नयी शिक्षको  की कोई बड़ी भर्ती भी जल्द ही सुनने को मिले 

अभ्यर्थी सबसे बड़ी परेशानी भर्ती में होने वाली देरी को देख रहे हैं , कोई ओवरएज होने जा रहा है , तो किसी को परिवार की चिंता होगी |

UPTET : टीईटी : धोखाधड़ी से अंक पाने वाले नहीं बनेंगे शिक्षक



UPTET : टीईटी : धोखाधड़ी से अंक पाने वाले नहीं बनेंगे शिक्षक

लखनऊ (ब्यूरो)। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में धोखाधड़ी कर अंक पाने वाले शिक्षक नहीं बन पाएंगे। रमाबाई नगर की पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर ऐसे अभ्यर्थियों को बाहर किए जाने की तैयारी है। शासन स्तर पर इस संबंध में सहमति बन गई है। टीईटी 2011 के संबंध में कैबिनेट के लिए तैयार प्रस्ताव में इसे स्पष्ट कर दिया गया है। इसके अलावा मई 2012 में आयोजित होने वाली टीईटी अब नवंबर में आयोजित कराई जाएगी। कैबिनेट से इस संबंध में भी मंजूरी ली जाएगी।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की अध्यक्षता में टीईटी परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जांच के लिए हाईपावर कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सौंपी दी। सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट में रमाबाई नगर की पुलिस द्वारा की गई जांच रिपोर्ट का भी जिक्र किया गया है। इसमें ही पुलिस की जांच रिपोर्ट में धोखाधड़ी कर अंक बढ़वाने वाले अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखने की बात की गई है। बताया जाता है कि कैबिनेट की बैठक में ऐसे अभ्यर्थियों को बाहर रखने पर भी निर्णय किया जाएगा। विभागीय जानकारों की मानें तो करीब 4500 के आंसर शीट पर फ्ल्यूड लगाकर अंक बढ़ाए गए हैं। इसके अलावा भी हजारों छात्रों के अंक बढ़ाए जाने के सुबूत मिले हैं।


News Source : http://epaper.amarujala.com/svww_zoomart.php?Artname=20120705a_003163007&ileft=129&itop=357&zoomRatio=130&AN=20120705a_003163007 / Amar Ujala (5.7.12)
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This is a good step to stop cheating.


Wednesday, July 4, 2012

UPTET - Stay on Primary Teacher Recruitment, Next Hearing - 05.07.2012


UPTET - Stay on Primary Teacher Recruitment, Next Hearing - 05.07.2012




Case Status - Allahabad
Description: http://allahabadhighcourt.in/image/blueline.gif
Pending
Writ - A : 76039 of 2011 [Varanasi]
Petitioner:
YADAV KAPILDEV LAL BAHADUR
Respondent:
STATE OF U.P. & OTHERS
Counsel (Pet.):
ALOK KUMAR YADAV
Counsel (Res.):
C.S.C.
Category:
Service-Writ Petitions Relating To Primary Education (teaching Staff) (single Bench)-Appointment
Date of Filing:
21/12/2011
Last Listed on:
03/07/2012 in Court No. 7
Next Listing Date (Likely):
05/07/2012
This is not an authentic/certified copy of the information regarding status of a case. Authentic/certified information may be obtained under Chapter VIII Rule 30 of Allahabad High Court Rules. Mistake, if any, may be brought to the notice of OSD (Computer).




UPTET : बगैर प्रमाण पत्रों के कर रहे थे नौकरी, लगे थे मृतक आश्रित कोटे से


UPTET : बगैर प्रमाण पत्रों के कर रहे थे नौकरी, लगे थे मृतक आश्रित कोटे से

दो अध्यापकों की नौकरी गई
पूरे मामले में तत्कालीन बीएसए की भूमिका संदिग्ध

जागरण संवाददाता, सम्भल : तत्कालीन बीएसए ने मानकों के विपरीत दो मृतक आश्रितों को परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त कर दिया। अब मामले का खुलासा होने पर बीएसए ने दोनों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।

हजरतनगर गढ़ी के जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक चंद्रपाल शर्मा तैनात थे। बीमारी के चलते 25 मई 11 को उनका निधन हो गया। आठ सितंबर 11 को तत्कालीन बीएसए बालमुकुन्द प्रसाद ने मृतक आश्रित के रूप में उनके बेटे मुकेश कुमार शर्मा को असमोली के रुस्तमपुर न्यावली में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्त कर दिया। इतना ही नहीं अनुराग मिश्रा को भी मृतक आश्रित के रूप में सकरपुर सोत के प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात किया। उत्तर-प्रदेश निशुल्क एवं बाल शिक्षा के अधिकार 2011 के नियम के तहत उच्च एवं प्राथमिक परिषदीय विद्यालयों में टीईटी योग्यता धारक को ही अध्यापक के पद पर नियुक्त करने का प्रावधान है।

मानक के विपरीत नियुक्ति करने पर उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई। उच्चाधिकारियों के आदेश पर बीएसए ने दोनों अध्यापकों को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा। इसके बावजूद दोनों अध्यापक उपस्थित नहीं हुए और न ही अभिलेख दिखाए। इस पर बीएसए ने दोनों अध्यापकों की नियुक्ति को नियमविरुद्ध मानते हुए सेवा समाप्त कर दी।

News Source : http://www.jagran.com/uttar-pradesh/moradabad-city-9434687.html / Jagran (4.7.12)
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TET is mandatory as per NCTE Guidelines / Basic Shiksha Niyamavalee, And without qualifying UPTET, Primary/Upper Primary teacher job is not possible.
Now it is clear from above news -  Importance of UPTET exam.
UPTET 2011 was last TET exam for B Ed candidates as per NCTE guidelines.

UPTET : यूपी टीईटी और प्राइमरी शिक्षक भर्ती


UPTET : यूपी टीईटी और प्राइमरी शिक्षक भर्ती 


में आप लोगो का ध्यान कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर दिलाना चाहती हूँ -


१. चलती हुई प्रक्रिया में बदलाव कैसे संभव है जो की अंतिम पड़ाव पर है |
२. कुछ लोगो का कहना है - कि उत्तर प्रदेश केबिनेट से मजूरी मिलने के बाद , पूर्ववर्ती शेक्षणिक मेरिट से भर्ती शुरू की जायेगी | तो उत्तर प्रदेश सरकार को  एन सी टी ई गाइड लाइन्स मानने की भी क्या जरूरत है ,
एन सी टी ई गाइड लाइन्स साफ़ शब्दों में टी ई टी अंको को चयन में महत्व देने की बात कहती है , जबकि पूर्ववर्ती शेक्षणिक मेरिट में कहीं भी टी ई टी अंको की बात नहीं थी |
३. मामला हाई कोर्ट में विज्ञापन को लेकर है और मामला अभी लंबित है  , जबकि हाई कोर्ट टी ई टी अंको  से चयन की बात की पहले ही पुष्टि कर चुका है अगर यह विज्ञापन निरस्त भी हो जाये जिसके चांसेस १% भी नहीं है , तो नया विज्ञापन आएगा |
क्योंकी नियमावली थोड़े ही परिवर्ती हुई है और अभ्यर्थीयों से आवेदन की फीस भी ले चुके |
४. शेक्षणिक मेरिट  में भी कोई एक राय नहीं है - कोई हाई स्कूल , इंटर , ग्रेजुएशन , बी एड के अंको को जोड़ कर मेरिट की बात कहता है, कोई ग्रेजुएशन , बी एड  और टी ई टी के अंको को जोड़ कर मेरिट की बात कहता है,
कोई बी एड  और टी ई टी के अंको को जोड़ कर मेरिट की बात कहता है|
कुछ लोग अलग अलग बोर्ड की अलग अलग मेरिट की वकालत करते हैं |
५. अगर प्रक्रिया में बदलाव होता भी है , तो फिर लोग अपने अधिकारों को लेकर हाई कोर्ट , सुप्रीम कोर्ट में फिर प्रयास करेंगे | यहाँ तक की सब लोगो की नोकरी शेक्षणिक मेरिट  से लग भी जाय तब भी हर कोई अच्छी जगह पोस्टिंग के लिये मेरिट में ऊँचा स्थान चाहता है| हम में से कई लोग संतुष्ट हो भी जाएँ , पर हर अभ्यर्थी के संतुष्ट  होना लगभग असंभव है 
और भी कई कारण हैं जो की विधि / कानूनी अडचने उत्पन्न कर देंगे | 


हालाँकि सरकार के पास प्रक्रिया निर्धारित करने के अधिकार होते हैं परन्तु ये नयी भर्ती प्रक्रिया के लिये होंगे 
अभी कुछ समय पहले कानपुर आई आई टी  ने शेक्षणिक मेरिट से चयन का विरोध किया था , कारण - अलग अलग बोर्ड में अलग अलग मार्किंग पद्दति का होना |
जिसमें चयन को लेकर यु पी बोर्ड के अभ्यर्थीयों को बेहद नुकसान था | इसके बाद हर बोर्ड के टापर के प्रतिशत से २० प्रतिशत नीचे तक अभ्यर्थीयों को मोका देने की बात को मान लिया गया |
इस प्रकार यु पी बोर्ड का 65 % अंक पाने वाला अभ्यर्थी , सी बी एस ई के 78 प्रतिशत अंकों के बराबर  मान   लिया गया |
इसी प्रकार अगर  यहाँ भी ऐसा हुआ - 
अब यु पी में अगर कोई सही स्केलिंग पद्दति नहीं आती ( जो की मूल्यांकन /चयन में सामान अवसर नहीं प्रदान करती )  , तो फिर लोग कहेंगे की यु पी में ही यु पी बोर्ड वालों के साथ भेद भाव क्यूँ  |

UPTET : टीईटी नहीं होगी निरस्त


UPTET : टीईटी नहीं होगी निरस्त
शिक्षकों की भर्ती पूर्व की तरह शैक्षिक मेरिट से होगी

•टीईटी पास करने वाले केवल शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के ही पात्र होंगे, कैबिनेट प्रस्ताव तैयार

लखनऊ। राज्य सरकार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) रद्द नहीं करेगी। इसे पास करने वाले केवल शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के पात्र होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती पूर्व की तरह शैक्षिक मेरिट के आधार पर ही की जाएगी। हाईकोर्ट का निर्णय आने के बाद प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला जाएगा। भर्ती के लिए जिले स्तर पर ही आवेदन लिए जाएंगे। बेसिक शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंजूरी दे दी है। बेसिक शिक्षा नियमावली को संशोधित करने के लिए कैबिनेट का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसे शीघ्र ही मंजूरी दिलाने की तैयारी है
यूपी में 72 हजार 825 शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी नवंबर 2011 में आयोजित की गई थी। तत्कालीन बसपा सरकार ने शिक्षकों की भर्ती टीईटी मेरिट के आधार पर करने का निर्णय किया था। टीईटी रिजल्ट आने के बाद अंक बढ़ाने के नाम पर धांधली का खुलासा हुआ। शिक्षकों की भर्ती होती, इससे पहले विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लग गई और हाईकोर्ट ने भर्ती पर रोक लगा दी।

News source : http://epaper.amarujala.com/svww_zoomart.php?Artname=20120704a_001163003&ileft=129&itop=357&zoomRatio=130&AN=20120704a_001163003 /
Amar Ujala (4.7.12)
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As per news selection criteria is going to change and selection base is - Academic Marks.
Where - Advertisement rights matter for selection of UPTET qualified is running in High court.
Both are contrary - As earlier advt. /rules published by UP Govt. - Selection through TET Merit,
And now this news says - Selection through Academic Merit.

Tuesday, July 3, 2012

UPTET : टीईटी मामले में सुनवाई पांच को



UPTET : टीईटी मामले में सुनवाई पांच को

इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापकों की भर्ती परीक्षा मामले की सुनवाई तिथि पांच जुलाई नियत की है। न्यायालय ने यह आदेश प्रदेश सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए दिया है। याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति अरुण टंडन कर रहे हैं।

News Source : http://www.jagran.com/uttar-pradesh/allahabad-city-9431589.html

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As per comments received on Blog, Kapil's advocate demands change in Selection Criteria and judge informed that such matter already disposed off, And your case is different (That is chellenging advertisement rights).

Many candidates send their problems to Judge in the shape of letters, And it looks Honabl 'e Judge understand pain of candidates - How much effort they put in application, exam, making drafts i.e pillar to post  effort. And at the last stage candidates are uncertain about their future.

UPSESSB / UPMSSCB : टीजीटी-पीजीटी की चयन प्रक्रिया पर लगा विराम



UPSESSB / UPMSSCB  : टीजीटी-पीजीटी की चयन प्रक्रिया पर लगा विराम

इलाहाबाद। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष के काम काज पर रोक लगने के साथ ही माध्यमिक विद्यालयों में खाली पड़े शिक्षकों पदों के चयन पर विराम लग गया है। अध्यक्ष केकाम काज पर रोक के कारण चयन बोर्ड में प्रधानाचार्य पदों की चयन प्रक्रिया भी अटक गई है। इन पदों पर चयन की प्रक्रिया ठप होने से नए शैक्षिक सत्र में माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी होगी और साइंस, मैथ्स, अंग्रेजी समेत कई विषयों की पढ़ाई प्रभावित होगी

विवादों में अध्यक्ष -
चयन बोर्ड में अनियमितता का मामला पहली बार ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाया था। टीजीटी-पीजीटी में घोटाले का पर्दाफाश होने पर तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने जांच बैठा दी थी। जांच में फर्जी नियुक्ति के मामले पकड़े गए। सचिव माध्यमिक शिक्षा ने दस साल की भर्तियों पर जांच बैठा दी। जांच के कारण दो हजार चयनित शिक्षकों को ज्वाइनिंग नहीं मिली। इससे भी बड़ा विवाद टीजीटी-पीजीटी में अध्यक्ष और एक सदस्य के रिश्तेदारों के चयन पर हुआ। विवाद से दोनों का चयन निरस्त कर दिया गया और अध्यक्ष डॉ.आरपी वर्मा के खिलाफ जांच बैठा दी गई। दो दिन पहले शासन ने अध्यक्ष का कामकाज पर ही रोक लगा दी जिससे सारी भर्तियां प्रभावित हो गई हैं

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष के काम काज पर रोक लगने से संकट बढ़ा
दस में छह सदस्यों के पद खाली
चयन बोर्ड में पहले से ही 10 में से छह सदस्यों के पद खाली चल रहे हैं। एक सदस्य के काम पर रोक है। वर्तमान में तीन सदस्यों के जिम्मे चयन की जिम्मेदारी है। पद खाली होने और अध्यक्ष के खिलाफ जांच लंबित होने के बाद अब पूरी प्रक्रिया ठप पड़ गई है। विशेषज्ञों की मानें तो कोरम के अभाव में अब चयन बोर्ड कोई भी चयन नहीं कर सकता।
ढाई लाख का चयन टला
•टीजीटी-पीजीटी में 2.50 लाख अभ्यर्थियों का चयन टला
•टीजीटी के लिए आवेदन करने वालों में लगभग 1.60 लाख अभ्यर्थी शामिल
•पीजीटी के लिए आवेदन करने वालों में लगभग 90 हजार अभ्यर्थी शामिल
•प्रदेश में इस समय लगभग साढ़े नौ हजार पद खाली
•लगभग 2200 शिक्षकों का प्लेसमेंट का मामला लटका
•टीजीटी के 1500 और पीजीटी के लगभग 700 चयनित शिक्षकों को नहीं मिली ज्वाइनिंग


Source : http://epaper.amarujala.com/svww_zoomart.php?Artname=20120703a_002174005&ileft=129&itop=357&zoomRatio=130&AN=20120703a_002174005 / Amar Ujala (3.7.12)
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In these days CORRUPTION is very very high and ONLY Culprits should be punished if they found guilty in investigation. Best way of selection is multilevel written examination through different bodies, Human interviewers weightage should be made to be with negligible effect.
After selection , If it is found candidates have shortcoming then necessary action can be taken & once again written examination should be conducted.

Monday, July 2, 2012

UPTET - टीईटी : इसी महीने संशय के बादल छंटने की उम्मीद


UPTET - टीईटी : इसी महीने संशय के बादल छंटने की उम्मीद


- संघर्ष मोर्चा ने बढ़ाया दबाव, 20 जुलाई को आंदोलन का ऐलान

आचार संहिता लागू होने से लटकी पड़ी है चयन प्रक्रिया

जागरण संवाददाता, सहारनपुर : टीईटी पर छाए संशय के बादल दूर करने में यह माह निर्णायक साबित होगा। निकाय चुनाव की आचार संहिता इसमें फिलहाल बड़ी बाधा है। प्रदेश सरकार की ओर से बरती जा रही सावधानी 'सकारात्मक संकेत' की ओर इशारा कर रही है। दबाव बनाने के लिए टीईटी (उत्तीर्ण) संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन के जरिए सरकार को घेरने का निर्णय लिया है।

आचार संहिता के कारण टीईटी पास अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया पर विराम लगा है। मामले में सरकार की ओर से टीईटी प्रक्रिया की कई कोणों से समीक्षा की जा चुकी है, जिसके बाद सरकार द्वारा प्रक्रिया को निरस्त न करने का सैद्धांतिक निर्णय लिया जा चुका है। पिछले दिनों बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी द्वारा प्रक्रिया के पक्ष में सकारात्मक संकेत दिए थे। माना जा रहा है कि पूर्व घोषित नीति के मुताबिक ही लंबित टीईटी प्रक्रिया को सिरे चढ़ा दिया जाएगा। जुलाई में ही इस बारे में निर्णय होने की उम्मीद है

कितनी भर्ती लंबित

प्रदेश में टीईटी के माध्यम से 72 हजार 825 शिक्षकों की भ‌र्त्ती होनी है। टीईटी से 800 पद जिले को आवंटित है जबकि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पहुंचे आवेदन पत्रों की संख्या 1.15 लाख है।

संघर्ष से मिलेगी कामयाबी

टीईटी (उत्तीर्ण) संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष संजय कुमार का कहना है सरकार की ओर से टीईटी के मामले में परस्पर विरोधी बयान आते रहे हैं, जिससे अभ्यर्थियों में कुंठा पैदा हो रही है। प्रदेश भर में कई अभ्यर्थी आत्महत्या कर चुके हैं। मोर्चा ने सरकार को चेताने के लिए आंदोलन का निर्णय लिया है। 20 जुलाई तक भ‌र्त्ती प्रक्रिया शुरू न करने पर लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।

निर्देश के बाद कार्रवाई

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य संजय उपाध्याय का कहना है कि टीईटी के संबंध में शासन की ओर से निर्देश मिलने के बाद ही कार्रवाई शुरू की जा सकेगी।


News Source : http://www.jagran.com/uttar-pradesh/saharanpur-9429614.html / Jagran.com (2.7.12)
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Tomarrow Highcourt decision is going to come regarding advertisement matter, And process for recruitment may started again , When stay is vacated.
We will see what happens tomorrow.If positive decision comes then it can be a major success in favor of TET candidates, Bacause it means HC have no objection to continue recruitment process.