Wednesday, September 18, 2013

Recruitment : खर्चे कम करने में जुटी सरकार, सरकारी नौकरियों में नहीं होगी नई भर्ती


Recruitment : खर्चे कम करने में जुटी सरकार, सरकारी नौकरियों में नहीं होगी नई भर्ती

Central Govt stopped new recruitment process in government to reduce gov expenditure

नई दिल्ली । खजाने की हालत खराब होती देख सरकार खर्चो में कटौती करने में जुट गई है। गैर जरूरी खर्चो की तेज रफ्तार से राजकोषीय घाटे पर आ रहे दबाव को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों और विभागों के लिए किफायत के उपायों की नई फेहरिस्त जारी की है। अब न तो अधिकारी बिजनेस या एक्जीक्यूटिव श्रेणी में हवाई यात्रा कर सकेंगे और न ही सरकार के मंत्रालय व विभाग पांच सितारा होटलों में बैठक या कांफ्रेंस करेंगे।

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.8 फीसद पर रखने का लक्ष्य रखा है। लेकिन डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में हुई तेज गिरावट ने सरकार पर सब्सिडी का बोझ बढ़ा दिया है। इसके चलते न सिर्फ चालू खाते के घाटे पर दबाव बना है बल्कि राजकोषीय घाटा भी सरकार के लक्ष्य से ऊपर जाता दिख रहा है। इसे देखते हुए वित्त मंत्रालय ने बुधवार को गैर योजना खर्च में 10 फीसद कटौती के लिए कई उपायों का एलान किया है। हालांकि वित्त मंत्रालय ने यह नहीं बताया है कि इन उपायों से कितनी बचत होगी।

वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों और विभागों को नए वाहनों की खरीद पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने का आदेश दिया है। ये मंत्रालय व विभाग एक साल से अधिक समय से रिक्त पड़े पदों पर नियुक्ति भी नहीं कर पाएंगे। साथ ही नए पद सृजित करने पर भी रोक लगा दी गई है। सभी मंत्रालयों व विभागों से विदेश दौरों का आकार भी सीमित रखने को कहा गया है। वित्त मंत्री ने मंगलवार को ही सभी मंत्रालयों के वित्त सलाहकारों के साथ बैठक कर सरकारी खर्च का जायजा लिया था। उसके बाद ही किफायत के इन उपायों का एलान किया गया है। खर्च में कटौती के ये उपाय एम्स और आल इंडिया रेडियो जैसी स्वायत्त संस्थाओं पर भी लागू होंगे। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि बजट में आवंटित राशि के अतिरिक्त वित्तीय मदद की उम्मीद सरकारी विभाग न करें।

सरकारी खर्च में किफायत के इस तरह के उपाय सरकार 2008-09 की मंदी के बाद से अक्सर उठाती रही है। खर्च में कटौती के इन्हीं उपायों को सरकार ने 2010-11 में भी अपनाया था। साल 2012-13 में भी राजकोषीय घाटे को काबू में करने के लिए वित्त मंत्री ने मंत्रालयों के योजना खर्च में 10 से 15 फीसद कटौती की थी। इससे सरकारी खजाने में करीब एक लाख करोड़ रुपये की बचत हुई थी।

किफायत के कदम

-इकोनामी श्रेणी में घरेलू हवाई यात्रा करने का आदेश

-विदेश या घरेलू हवाई यात्रा में पत्नी या सहयात्री के लिए टिकट पर पाबंदी

-पांच सितारा होटलों में सरकारी कांफ्रेंस और बैठकों पर रोक

-सभी विभागों में नई भर्ती और नए वाहनों की खरीद पर पाबंदी

-विदेश जाने वाले प्रतिनिधिमंडलों का आकार छोटा रखने के आदेश

-विदेश या घरेलू दौरों को सीमित करने की जिम्मेदारी विभाग के सचिव पर

-विदेशों में स्टडी टूर, वर्कशाप, कांफ्रेंस, सेमिनार, पेपर प्रेजेंटेशन के लिए सरकारी खर्च पर जाने की अनुमति नहीं

----------

किफायत की वजह

----------

-रुपये की कीमत घटने से सब्सिडी का बोझ बढ़ा

-राजकोषीय घाटे में तेज वृद्धि की आशंका

-योजना खर्च के मुकाबले गैर योजना खर्च की रफ्तार तेज

-चालू खाते का घाटा भी चिंता का विषय

News Sabhaar : Jagran (18.9.13)


8 comments:

  1. madarchod sarkar koi nahi next year m bateyege jab sale bhikhari ki tarah vote mangne aayege p chitambaram sale tere se kuch sambhlta to h nahi phir kyu maa chudwata h apni atmhatya kar le sale

    ReplyDelete
  2. Rvindra ji very good aap mahan ho jay ho.

    ......

    ReplyDelete
  3. What is the latest situation about 72825.court case ..

    ReplyDelete
  4. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  5. madarchod chitambram sale
    kharche kam karne ke liye
    tujhe govt job hi dikhai deti h
    aur sale tu bhaduye partiyo
    m randia nachwata h uska
    karcha kaun tera baap
    bharta h ya teri
    bibi,madarchod sale tujhe
    coal ghotale, railway ghotale,
    mobile networks licence
    spectrum ghotale najar nahi
    aaye,oh yes agar tu waha
    khuch karega to teri gand
    nahi phad di jayegi,ma ke
    lode sale tujhe to goli mar
    deni chahiye sale tune hi
    petrol gas ke rate bhadaye ,
    madarchod tum sale khud to
    videsh yatra ke maje lete
    rahte ho aur sara karcha
    sarkar par

    ReplyDelete
  6. U.P.A ki sarkar nikammi hai.kaaladhan ko agar laane ki kosis krti to economy majboot ho jati

    ReplyDelete
  7. bahut acche ravinder ji,ye gussa har bhartiya ke andar hai...modi lao desh bachao

    ReplyDelete

To All,
Please do not use abusive languages in Anger.
Write your comment Wisely, So that other Visitors/Readers can take it Seriously.
Thanks.