Monday, March 31, 2014

KGBV : केजीबीवी के शिक्षकों का ढाई गुना बढ़ा मानदेय

KGBV : केजीबीवी के शिक्षकों का ढाई गुना बढ़ा मानदेय

Central Government  Decided to Increase Salary of KGBV Teachers
 
Kasturba Gandhi Balika Vidhyalaya News

लखनऊ : कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों का मानदेय बढ़ा दिया गया है। जहां वार्डेन को 11,000 से 25,000 रुपये फुल टाइम शिक्षक को 92,00 से 20,000 रुपये दिया जाएगा, वहीं पार्ट टाइम शिक्षकों का मानदेय 72,00 से घटाकर 5,000 रुपये किया गया है

कस्तूरबा बालिका िवद्यालयों में बढ़ा मानदेय
वार्डेन को
25,000 व फुल टाइम टीचरों को िमलेगा 20,000 महीना

लखनऊ। केंद्र सरकार ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने का निर्णय किया है। अब वार्डेन को 25,000 रुपये और फुल टाइम शिक्षक को 20,000 रुपये दिया जाएगा, वहीं पार्ट टाइम शिक्षकों का मानदेय 72,00 से घटाकर 5,000 रुपये करने का निर्णय किया गया है। इसके अलावा केजीबीवी में कार्यरत अन्य सभी कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने का निर्णय किया गया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अनु सचिव मनजीत कुमार ने इस संबंध में राज्यों को आदेश भेज दिए हैं। बढ़ा मानदेय एक अप्रैल से प्रभावी माना जाएगा।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्कूल जाने से वंचित छात्राओं को कक्षा 6 से 8 तक मुफ्त शिक्षा देने के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खोले गए हैं। उत्तर प्रदेश में 746 स्कूल खुले हुए हैं। इन स्कूलों में छात्राओं को मुफ्त शिक्षा देने के साथ रहने व खाने की व्यवस्था भी की जाती है। स्कूल संचालन के लिए संविदा के आधार पर शिक्षकों व कर्मचारियों को रखा जाता है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इनके शिक्षकों व कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने का निर्णय किया है।
नई व्यवस्था के तहत वार्डेन 11,000 से 25,000 रुपये, फुल टाइम टीचर 92,00 से 20,000, पार्ट टाइम टीचर 72,00 से 5,000, लेखाकार 6,000 से 10,000, मुख्य रसोइया 46,00 से 6,000, सहायक रसोइया 32,00 से 45,00, चपरासी 32,00 से 55,00 तथा चौकीदार को 32,00 से 55,00 रुपये दिए जाने का निर्णय किया गया है। इसके अलावा हर माह प्रति छात्रा की दर से रख-रखाव मद में दी जाने वाली राशि 900 से 1500, प्रति छात्रा स्टाइपेंड 50 से 100 रुपये करने का निर्णय किया गया है

News Source / Sabhaar : Amar Ujala (31.03.2013)

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